Wednesday, February 24, 2010

ख़ुदकुशी न करो

जिंदगी से कभी बेरुखी न करो

दर्दो गम से सनम दोस्ती न करो

खूबसूरत है ये जिंदगी दोस्तों

ख़ुदकुशी न करो ख़ुदकुशी न करो

(एक्स्प्लैनिंग गाइड

डोंट ट्राई सुसाइड )

खुद से होते नहीं इस तरहा से खफा

भूल जा उसको तू जो हुआ बेवफा

दिल से गम को कहो अलविदा -अलविदा

अश्क बहने न दो खुश रहो तुम सदा ।

दिल लगी से कभी दिल्लगी न करो






आज सूखी फसल , या तो टूटा है हल

कर्ज की मार से दिल उठा है दहल

बैल प्यासे खड़े , या तो रूठा है नल

हौसला तो दिखा , तू ही होगा सफल

हर घड़ी इस कदर दिल दुखी न करो




फेल हो, पास हो , इसका गम न करो

अपने विशवास को , यार कम न करों

अपनी मुस्कान को ऐसे गुम् न करो

हँसते गाते रहो , आँख नम न करो

गर्दिशों का कभी तुम यकी न करो








- मुकेश कुमार मासूम